नई दिल्ली, 23 जून 2026: राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से विभिन्न क्षेत्रों की महान विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में देश की कला, साहित्य, खेल, चिकित्सा और सामाजिक सेवा में अभूतपूर्व योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कारों से नवाजा गया।
पद्म विभूषण: राष्ट्रवाद और न्याय के अग्रदूत सम्मानित
समारोह में केरल में राष्ट्रवादी पत्रकारिता के पुरोधा और वरिष्ठ संघ नेता श्री पी. नारायणन (नारायणजी) को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके साथ ही, देश के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. टी. तोमस को आपराधिक कानून, पुलिस सुधारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके अद्वितीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया।
पद्म भूषण: कला, खेल, चिकित्सा और समाज सेवा के नाम रहा यह सम्मान
इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों की सात बड़ी हस्तियों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- श्रीमती अलका यागनिक: भारतीय सिनेमा में चार दशकों से अधिक समय तक अपनी मधुर आवाज से संगीत जगत को समृद्ध करने वाली प्रख्यात पार्श्व गायिका।
- श्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत): ‘दिशोम गुरु’ के नाम से लोकप्रिय, झारखंड आंदोलन के मुख्य शिल्पकार और आदिवासियों के अधिकारों की मुखर आवाज।
- डॉ. विजय अमृतराज: भारत के महानतम टेनिस खिलाड़ियों में से एक, जिन्होंने डेविस कप में देश का नेतृत्व किया और देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया।
- श्री मंमूट्टी: पांच दशकों से अधिक समय से भारतीय सिनेमा (मुख्यतः मलयालम) में अपने बेजोड़ अभिनय से अमिट छाप छोड़ने वाले महान अभिनेता।
- डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ), जिन्होंने कैंसर उपचार की नई तकनीकों से दुनिया भर में लाखों जिंदगियां बचाईं।
- डॉ. एसकेएम. मयिलानन्दन: योग, ध्यान और समाज सेवा के माध्यम से ग्रामीण विकास में क्रांति लाने वाले प्रसिद्ध उद्यमी।
- श्री वेल्लाप्पल्ली नटेशन: केरल के प्रमुख सामाजिक नेता, जिन्होंने पिछड़े वर्गों की सामाजिक और शैक्षिक उन्नति के लिए निरंतर कार्य किया।
पद्म श्री: जमीनी स्तर के नायकों को मिली पहचान
इस गरिमामयी समारोह में देश की कई अन्य प्रतिभाओं को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया। असमिया कला और रंगमंच के परिदृश्य को बदलने वाले दूरदर्शी कला निर्देशक और मूर्तिकार श्री नूरूद्दीन अहमद और कर्नाटक संगीत की प्रसिद्ध ताल-वाद्य परंपरा के उत्कृष्ट मृदंगम वादक श्री थिरुवारूर बख्तवत्सलम को पद्म श्री से अलंकृत किया गया। इसके अलावा चिकित्सा, शिक्षा, खेल और लोक परंपराओं से जुड़े देश के कई अन्य कर्मयोगियों को भी राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।
