जिले के डेहरी स्थित शिवगंज की रहने वाली समरीन अथर चार बहनों में से एक हैं और अब चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनकर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से माता-पिता बेहद गर्वित हैं, वहीं स्थानीय लोग भी उन्हें दिल से बधाइयाँ दे रहे हैं।
समरीन के माता-पिता बताते हैं कि वह बचपन से ही मेहनती और लगनशील रही हैं। सेल्फ-स्टडी, कठिन परिश्रम और माता-पिता के आशीर्वाद ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।
समरीन की माँ के अनुसार, उनकी चार बेटियाँ हैं। समाज में जहाँ बेटा-बेटी में भेदभाव की सोच मौजूद है, वहीं उन्होंने इस सोच को दरकिनार कर अपनी बेटियों को समान अवसर और प्रोत्साहन दिया। आर्थिक तंगी के बावजूद कभी उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं आने दी। इसका परिणाम है कि आज समरीन ने अपनी मेहनत और जज़्बे से यह बड़ी सफलता हासिल कर ली।
छोटे शहर डेहरी से चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होता, लेकिन समरीन अथर ने अपने आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास से चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) परीक्षा पास कर एक मिसाल कायम की है।
समरीन, शिवगंज निवासी मोहम्मद अथर हुसैन की बेटी हैं। सीमित संसाधनों, चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ-स्टडी के आधार पर यह सफलता अर्जित की। पढ़ाई का सफर आसान नहीं था – रोज़ नई चुनौतियाँ सामने आती थीं – लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। माता-पिता का निस्वार्थ सहयोग और उनकी दुआईं समरीन की सबसे बड़ी ताकत बनीं।
आज सीए समरीन अथर केवल एक सफल छात्रा ही नहीं, बल्कि उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा हैं जो कठिन परिस्थितियों और कम संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।
