पूर्वी चम्पारण के भारत-नेपाल सीमा स्थित कस्टम हाउस के पास हरैया थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस संयुक्त कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय चरस तस्करी गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से कुल 9 किलो 178 ग्राम चरस बरामद की गई है।
डीएसपी मनीष आनंद ने बताया कि सूचना मिली थी कि राजस्थान नंबर की एक थार गाड़ी से भारी मात्रा में चरस भारत में तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसएसबी ने नेपाल से आने वाले सभी वाहनों की कड़ी जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान नेपाल की ओर से आ रही थार गाड़ी को जब रोका गया तो उसकी तलाशी में 9 किलो 178 ग्राम चरस मिली। गाड़ी में सवार राजस्थान के टेकम चंद्र गोयल, अशोक अग्रवाल, नेपाल के पर्सा निवासी मेघराज, और उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी बंगाली वर्मा को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ और उनकी निशानदेही पर छपवा सुगांव के पास से दो और तस्कर—
• सर्वजीत (मोतिहारी, तुरकौलिया)
• कमलदेव (रक्सौल, रतनपुर)
को पकड़ा गया। इनके पास से करीब 2 किलो चरस बरामद हुई। जांच में सामने आया कि ये दोनों तस्कर थार गाड़ी से आए चार तस्करों को यह चरस सप्लाई करने वाले थे।
डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार दो तस्कर राजस्थान से नेपाल जाकर चरस खरीदते और फिर इसे उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में सप्लाई करते थे। नेपाल के पर्सा निवासी मेघराज इस गिरोह का बड़ा सप्लायर है। वह नेपाल के पहाड़ी इलाकों में गांजा की अवैध खेती करता है। उसके मोबाइल फोन से कई अहम साक्ष्य मिले हैं, जिनसे उसके सप्लाई नेटवर्क की पुष्टि हुई है। पुलिस ने उसे भी कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, अधिकतर गिरफ्तार आरोपी पहले से ही मादक पदार्थ तस्करी में शामिल रहे हैं। उनके बयान और बरामद साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जिसकी कड़ियों को तेजी से खंगाला जा रहा है।
