कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 के स्प्लिट फैसले से हराया।
अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम, आक्रामक खेल और बेहतरीन रणनीति का परिचय दिया। तीन जजों ने उन्हें 30-26 के स्कोर से विजेता घोषित किया। एक जज ने फैसला न्यूजीलैंड की मुक्केबाज के पक्ष में दिया, जबकि पांचवें जज ने मुकाबला 28-28 से बराबर माना। हालांकि, प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी का एक अंक कटने के कारण जीत अरुंधति के नाम रही।
इस जीत के साथ अरुंधति चौधरी ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कॉमनवेल्थ गेम्स की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाता है।
मुकाबले के बाद अरुंधति ने बताया कि रिंग में उतरने से पहले उनकी सबसे बड़ी चुनौती प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि तय वजन बनाए रखना था। उन्होंने खुलासा किया कि कुछ कारणों से उनका वजन बढ़ गया था और मुकाबले से पहले उन्हें 2 किलोग्राम वजन कम करना पड़ा।
अरुंधति ने कहा कि इतने कम समय में वजन घटाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने पूरी मेहनत और अनुशासन के साथ यह चुनौती पार की। उन्होंने बताया कि अब उनका पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और वह देश के लिए सर्वोच्च सम्मान हासिल करना चाहती हैं।
भारतीय मुक्केबाज ने अपनी इस उपलब्धि को अपने छोटे भाई और पूरे परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग, लोगों के आशीर्वाद और देशवासियों के समर्थन की बदौलत ही वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने का संदेश दिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। कई भारतीय मुक्केबाज विभिन्न भार वर्गों में सेमीफाइनल तक पहुंच चुके हैं, जिससे भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
