Skip to content

Stay First, Stay Informed

  • TOP NEWS
  • MADHYA PRADESH
  • CHHATTISGARH
  • SPORTS
  • BUSINESS
  • TECH NEWS
  • HEALTH
  • ENTERTAINMENT
  • MADHYA PRADESH

‘श्रीकृष्ण पर्व’ में घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल से गूंजेगा मध्यप्रदेश

admin September 2, 2026

जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्‍ण लोक का मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भूमि पूजन
मुख्‍यमंत्री निवास पर ‘श्रीकृष्ण पर्व’ 101 बच्‍चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में होंगे शामिल
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 55 जिलों के 111 स्थानों पर सांस्कृतिक आयोजन
प्रदेशभर के 1500 से अधिक स्‍थानीय कलाकारों की श्रीकृष्‍ण केन्द्रित प्रस्‍तुतियाँ
7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में होगी विशेष साज-सज्जा

2 सितंबर 2026। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन-जन का पर्व बनाने के उद्देश्य से संस्‍कृति विभाग के श्रीकृष्‍ण पाथेय न्‍यास द्वारा 4 सितंबर को ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का राज्‍य स्‍तरीय व्यापक आयोजन किया जा रहा है। ‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ की संकल्पना के साथ प्रदेश के सभी 55 जिलों में 111 स्थानों पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि राज्‍य के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की जाएगी, जबकि भव्य जन्मोत्सव में 1500 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करेंगे। इस प्रदेशव्यापी पर्व का विशेष आयोजन मुख्यमंत्री निवास पर भी होगा। यहाँ श्रीकृष्ण की विविध कलाओं और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे। जन्‍मोत्सव में मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जो श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज की उत्सव परंपरा की झलक प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री निवास पर होने वाले आयोजन में 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। इस अवसर पर माननीय मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्‍चों को माखन मिश्री, लड्डू गोपाल की मूर्ति, श्रीकृष्‍ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित पुस्‍तक भेंट करेंगे। कार्यक्रम उपरांत जानापाव में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा परशुराम श्रीकृष्‍ण लोक का भूमिपूजन किया जायेगा।

राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण आस्था और भक्ति के साथ भारतीय जीवन-दर्शन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के महान प्रतीक हैं। मध्यप्रदेश की धरती का भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और परंपराओं से गहरा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहा है। श्रीकृष्ण के जीवन से हमें मित्रता, करुणा, धैर्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इसी गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का व्यापक आयोजन किया जा रहा है।

राज्य मंत्री लोधी ने बताया कि श्रीकृष्ण पर्व के लिए चयनित 111 स्थलों में अनेक ऐसे पावन और ऐतिहासिक स्थल सम्मिलित हैं, जिनकी परंपराएँ सीधे तौर पर द्वापर युग और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-प्रसंगों से जुड़ी हुई हैं। इनमें सांदीपनी आश्रम-उज्जैन, नारायणा धाम-उज्जैन, अमझेरा-धार, जानापाव-महू एवं जामगढ़-रायसेन जैसे स्थल प्रमुख हैं। इसके साथ ही आयोजन स्थलों में अनेक ऐसे प्राचीन मंदिर और धार्मिक केंद्र भी शामिल हैं, जिनका धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्‍व होने के साथ-साथ गौरवशाली ऐतिहासिक अतीत भी है।

श्रीकृष्‍ण पाथेय न्‍यास के मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश की धरती भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक संदर्भों को अपने भीतर समेटे हुए है। भगवान श्रीकृष्‍ण के जीवन के विभिन्‍न पहलुओं एवं लीलाओं के लोकव्‍यापीकरण, सनातन संस्‍कृति के विस्‍तार के साथ ही उनके द्वारा बताए जीवन मूल्‍यों यथा धैर्य, मित्रता, करुणा, दया इत्‍यादि जनमानस तक प्रेषित करने के उद्देश्‍य से माननीय मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंशानुरूप श्रीकृष्‍ण पर्व के माध्‍यम से सांस्‍कृतिक परिदृश्‍य में दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से न केवल इन स्थलों की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विशिष्टता को व्यापक पहचान मिल रही है, बल्कि नई पीढ़ी भी मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत और गौरवपूर्ण इतिहास से परिचित हो रही है। यह पहल आस्था के उत्सव के साथ-साथ विरासत के संरक्षण, सांस्कृतिक पुनर्स्मरण और प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रही है। इस वर्ष श्रीकृष्ण पर्व के आयोजन स्थलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होने वाली स्‍थानीय गतिविधियों का विस्‍तार करने के लिए सांस्कृतिक महत्‍व के स्थलों को चिन्हित कर वहाँ आयोजन किए जा रहे हैं।

कृष्णमय होगा मध्यप्रदेश, 1500 से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुतियाँ
‘श्रीकृष्ण पर्व’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, लीलाओं, गुरु-शिष्य परंपरा, मित्रता, भक्ति और लोक संस्कृति पर केंद्रित विविध सांस्कृतिक आयोजन होंगे। नारायणा धाम, सांदीपनि आश्रम, महिदपुर, पन्ना, अमझेरा और जानापाव सहित प्रदेश के अनेक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर नृत्य-नाटिका, रासलीला, भजन, लोकगायन और अन्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों में प्रदेश के 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार और विभिन्न सांस्कृतिक दल सहभागिता करेंगे।

नारायणा धाम में पांच दिवसीय आयोजन
उज्जैन के नारायणा धाम मंदिर प्रांगण में 2 से 6 सितंबर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से पांच दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन होगा। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता की स्मृति से जुड़े इस स्थल पर पहले दिन गुरु सांदीपनि आश्रम से जुड़े प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। इसमें श्रीकृष्ण और सुदामा के आश्रम के लिए लकड़ियां चुनने तथा सुदामा द्वारा गुरु माता के दिए चने छिपाकर खाने के प्रसंग को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ भरतनाट्यम, भजन गायन और ‘रासलीला : श्रीकृष्ण की दान लीला’ का मंचन होगा। दूसरे दिन कथक में ‘कृष्णम’ नाटिका, भजन गायन तथा ‘श्रीकृष्ण की माखन चोरी’ रासलीला होगी। तीसरे दिन ओडिसी शैली में कृष्ण आधारित नृत्य-नाटिका, भजन गायन और ‘श्रीकृष्ण जन्म एवं बाल लीला’ प्रस्तुत की जाएगी। चौथे दिन श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता प्रसंग पर नृत्य-नाट्य और भजन गायन होगा। पांचवें दिन गीता उपदेश पर आधारित नृत्य-नाटिका तथा भजन गायन होगा। सभी पांचों दिनों रासलीला का मंचन भी किया जाएगा।

सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की झलक
उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में 2 से 4 सितंबर तक शाम 4 बजे से तीन दिवसीय आयोजन होगा। इसमें ‘कर्षति इति कृष्ण’, भजन गायन और बघेली लोकगायन की प्रस्तुतियां होंगी। तीसरे दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा महर्षि सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त करने तथा 64 कलाओं और 14 विद्याओं के ज्ञान अर्जित करने की पौराणिक परंपरा पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी।

महिदपुर में राधा-कृष्ण प्रेम और लोकसंगीत
महिदपुर के रामलीला चौक में 2 से 4 सितंबर तक शाम 7 बजे से कार्यक्रम होंगे। पहले दिन राधा-कृष्ण प्रेम प्रसंग पर नृत्य प्रस्तुति और भक्ति गायन होगा। दूसरे दिन बुंदेली गायन तथा भक्ति गायन की प्रस्तुतियां होंगी। तीसरे दिन भजन गायन के साथ श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़ी महिदपुर की परंपरा पर केंद्रित श्रीकृष्ण जन्म आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी।

पन्ना और अमझेरा में साकार होंगे कृष्ण के विविध प्रसंग
पन्ना के श्री बलदेवजी मंदिर परिसर में 2 सितंबर को बलदेव-श्रीकृष्ण प्रसंग पर नृत्य-नाटिका और भजन गायन होगा। श्री जुगल किशोर मंदिर में 3 और 4 सितंबर को दो दिवसीय आयोजन में श्रीकृष्ण नृत्य-नाटिका, भक्ति गायन तथा प्रणामी परंपरा पर केंद्रित भरतनाट्यम प्रस्तुति होगी। धार जिले के अमझेरा में 3 और 4 सितंबर को श्रीकृष्ण लीला तथा रुक्मिणी वरण एवं विवाह प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत की जाएंगी। साथ ही भजन गायन भी होगा। अमझेरा को श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी वरण से जुड़े प्राचीन स्थल के रूप में आयोजन की विषयवस्तु में विशेष स्थान दिया गया है।

जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण प्रसंग
महू के जानापाव में 4 सितंबर को शाम 4 बजे भगवान परशुराम द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने के प्रसंग पर केंद्रित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद भजन गायन होगा। आयोजन स्थल पर भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

प्रदेश के अनेक जिलों में कृष्ण भक्ति का रंग
श्रीकृष्ण पर्व के अंतर्गत पाली (उमरिया), शहडोल, मंडला, दमोह, रीवा और खातेगांव सहित अनेक स्थानों पर एक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इनमें मथुरा प्रवेश, कृष्ण-सुदामा प्रसंग, गोवर्धन धारण, सुदामा मिलन और कालियानाग मानमर्दन जैसे प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां शामिल हैं। लोकगायन और भजन के साथ विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर साकार किया जाएगा। उज्जैन के गोपाल मंदिर में 4 सितंबर को गीत गोविंद केंद्रित नृत्य-नाटिका और भजन गायन होगा। तराना स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में भी लोक एवं भक्ति गायन की प्रस्तुतियां होंगी। आगर-मालवा, रायसेन, गुना, ग्वालियर, छतरपुर, शिवपुरी, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, मुरैना, राजगढ़ और इंदौर सहित अनेक जिलों में भी 4 सितंबर को शाम 7 बजे से कृष्ण केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें नृत्य-नाटिका, भजन और लोकगायन के माध्यम से स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं को श्रीकृष्ण भक्ति से जोड़ा जाएगा।

1500 से अधिक स्थानीय कलाकार होंगे सहभागी
‘श्रीकृष्ण पर्व’ की सबसे बड़ी विशेषताओं में प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय कलाकारों की व्यापक भागीदारी है। 1500 से अधिक कलाकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। खरगौन, बड़वानी, खंडवा, राजगढ़, बैतूल, सीहोर, भोपाल, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, रायसेन, सागर, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, कटनी, छिंदवाड़ा, झाबुआ, धार, देवास, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, डिंडोरी, बुरहानपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ सहित प्रदेश के अनेक जिलों के कलाकार मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रस्तुतियां देंगे। इस सांस्कृतिक श्रृंखला में लोकगायन, भजन, नृत्य-नाटिका और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन एवं दर्शन के विविध आयाम सामने आएंगे। प्रदेश के 82 मंदिरों में प्रस्तावित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ यह आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने और प्रदेश की विविध लोक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को कृष्ण भक्ति से जोड़ने का व्यापक प्रयास बनकर सामने आएगा।

Tags: उज्जैन कृष्ण भक्ति कृष्ण लीला जन्माष्टमी जानापाव नारायणा धाम परशुराम-श्रीकृष्ण लोक मध्यप्रदेश मोहन यादव रासलीला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रीकृष्ण पर्व श्रीकृष्ण लोक सांदीपनि आश्रम सांस्कृतिक आयोजन

Post navigation

Previous अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Next प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से आरंभ होगा सेवा-संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Related Stories

शस्त्र-पूजन भारतीय संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • MADHYA PRADESH

शस्त्र-पूजन भारतीय संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धर्म और न्याय की स्थापना का पर्व है विजयादशमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • MADHYA PRADESH

धर्म और न्याय की स्थापना का पर्व है विजयादशमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को बंधाया ढांढस
  • MADHYA PRADESH

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को बंधाया ढांढस

Real-Time Currency & Crypto Prices
Stocks today by TradingView

Recent Posts

  • शस्त्र-पूजन भारतीय संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • धर्म और न्याय की स्थापना का पर्व है विजयादशमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • आरएसएस विजयादशमी उत्सव: मोहन भागवत ने सत्ता परिवर्तन के आंदोलनों, ओटीटी और एआई के खतरों पर चेताया
  • प्रधानमंत्री मोदी के जन सेवा से देश सेवा के 25 वर्ष: एफडीआई नीतियों में बड़े सुधारों से भारत बना वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र
  • फ्रेंच ओपन सुपर 750: पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन के नेतृत्व में भारतीय शटलर आज से करेंगे अपने अभियान की शुरुआत

Welcome to Our New Website!

Better  •  Faster  •  Smarter

Our old site is still available. To visit our old website CLICK HERE

Keep reading with us!

Mpinfo Rss Feeds
RSS Feed Reader
Loading RSS feed...

You may have missed

शस्त्र-पूजन भारतीय संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • MADHYA PRADESH

शस्त्र-पूजन भारतीय संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धर्म और न्याय की स्थापना का पर्व है विजयादशमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • MADHYA PRADESH

धर्म और न्याय की स्थापना का पर्व है विजयादशमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आरएसएस विजयादशमी उत्सव: मोहन भागवत ने सत्ता परिवर्तन के आंदोलनों, ओटीटी और एआई के खतरों पर चेताया
  • TOP NEWS

आरएसएस विजयादशमी उत्सव: मोहन भागवत ने सत्ता परिवर्तन के आंदोलनों, ओटीटी और एआई के खतरों पर चेताया

प्रधानमंत्री मोदी के जन सेवा से देश सेवा के 25 वर्ष: एफडीआई नीतियों में बड़े सुधारों से भारत बना वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र
  • BUSINESS

प्रधानमंत्री मोदी के जन सेवा से देश सेवा के 25 वर्ष: एफडीआई नीतियों में बड़े सुधारों से भारत बना वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र

  • ABOUT US
  • CONTACT
  • TERMS & CONDITIONS
  • DISCLAIMER
  • RSS FEEDS
  • PRIVACY POLICY

All Rights Reserved @ Firstpagenews.com

All Rights Reserved @ Firstpagenews.com | DarkNews by AF themes.