यूनेस्को द्वारा दीपावली को वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किए जाने के बाद वाराणसी में खुशी और उत्साह का माहौल है। देश का यह प्रमुख त्योहार वैश्विक मान्यता प्राप्त कर चुका है, जिसे लोग भारत की सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान के रूप में देख रहे हैं। वाराणसी के निवासियों ने इस उपलब्धि को गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि दीपावली सदियों से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और परंपराओं का प्रतीक रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दीपावली भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है और यह पर्व भारत के विभिन्न राज्यों में अपने अनोखे रूपों के साथ भव्यता से मनाया जाता है। अब यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल होने से दीपावली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है, जिससे इसकी गरिमा और प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी।
वाराणसीवासियों का कहना है कि उनका प्रमुख पर्व अब वैश्विक मंच पर सम्मानित हो गया है, जो काशी सहित पूरे देश के लिए गौरव की बात है। इस फैसले से दीपावली के सांस्कृतिक महत्व का प्रचार-प्रसार विश्व भर में होगा और भारत की आध्यात्मिक परंपराओं की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
