राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केवड़िया में आयोजित समारोह में विजेताओं को किया सम्मानित
गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समारोह में वर्ष 2024 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने अनंत नाग के अभिनय की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके अभिनय में रंगमंच और सिनेमा की श्रेष्ठ परंपराओं का मेल दिखाई देता है। सहजता और प्रामाणिकता के लिए पहचाने जाने वाले अनंत नाग ने कलाकारों की कई पीढ़ियों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है।
फिल्मों में दिखते हैं भारत के सपने और संघर्ष
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें देश के लोगों के सपने, परंपराएं, संघर्ष और भविष्य की संभावनाएं भी दिखाई देती हैं। विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता सामने आती है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित समारोह का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वॉल ऑफ यूनिटी के निकट राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन भारत की सांस्कृतिक एकता के भाव को और विशेष बनाता है।
‘आर्टिकल 370’ और ‘भक्षक’ सहित फिल्मों की चर्चा
राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेता फिल्मों के विषयों की सराहना की। उन्होंने ‘आर्टिकल 370’ को देश की एकता से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को प्रस्तुत करने वाली फिल्म बताया। ‘भंगार’ को जीवन और मृत्यु जैसे गहरे विषयों को सामने लाने वाली गैर-फीचर फिल्म के रूप में रेखांकित किया गया।
उन्होंने ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ को वीर सावरकर की जीवनगाथा को समर्पित कलात्मक प्रस्तुति बताया। वहीं ‘भक्षक’ के माध्यम से महिला सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को समाज के सामने रखने की बात कही। संथाली फिल्म ‘आंगेन’ को सम्मान मिलने से क्षेत्रीय सिनेमा और सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहन मिलने की बात भी कही गई।
महिला भागीदारी और कामगारों के सम्मान पर जोर
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की ज्यूरी के सदस्यों की सराहना करते हुए क्षेत्रीय ज्यूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने से ही व्यापक मानवीय दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े मजदूरों, छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत लोगों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही लोकप्रिय कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का समर्थन नहीं करने की अपील की।
