नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रबंध निदेशक और सीईओ दिलीप असाबे ने स्पष्ट किया है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के नए नियम लागू होने के बावजूद लगभग 75 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन इसके दायरे से बाहर रहेंगे। उन्होंने बताया कि देश में 96 प्रतिशत यूपीआई लेन-देन ₹2,000 से कम मूल्य के होते हैं।
मुंबई में आयोजित ‘एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए असाबे ने कहा कि एमडीआर व्यवस्था को लेकर बाजार में भारी गलतफहमी और भ्रामक जानकारी फैली हुई है। एनपीसीआई और सरकार इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।
असाबे ने यह भी भरोसा जताया कि इस नए नियम से यूपीआई लेन-देन की संख्या (वॉल्यूम) पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश एमडीआर उन व्यापारियों से प्राप्त होगा जो पहले से ही क्रेडिट कार्ड स्वीकार करते हैं और पहले से एमडीआर का भुगतान कर रहे हैं।
