केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने न्यू यॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र (UN) की उच्च स्तरीय बैठक में वैश्विक महामारी की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने महामारी की रोकथाम और प्रतिक्रिया के लिए सरकार और समाज के समन्वय से तैयार किए गए भारत के एकीकृत दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जो संभावित स्वास्थ्य आपातस्थितियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने प्रयोगशाला नेटवर्क के विस्तार, आपातकालीन समन्वय, स्वास्थ्य कार्यबल, चिकित्सा भंडार और नैदानिक देखरेख (क्लिनिकल केयर) क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। श्रीमती श्रीवास्तव ने कोविड-19 महामारी के अनुभवों से सबक लेते हुए निरंतर निवेश, संस्थागत क्षमता के निर्माण और टिकाऊ व मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास पर विशेष बल दिया।
स्वास्थ्य सचिव ने एकजुटता और आवश्यक स्वास्थ्य उत्पादों तक निष्पक्ष व समान पहुंच के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ (One Earth, One Health) के सिद्धांत पर चलते हुए लगभग 100 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं को 30 करोड़ टीका (वैक्सीन) खुराकें वितरित कीं, साथ ही 150 से अधिक देशों को चिकित्सा सहायता प्रदान की।
इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम गेब्रेयेसस ने भी वैश्विक महामारी की तैयारियों को मजबूत करने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
