आज पूरा देश महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती मना रहा है। 1907 में आज ही के दिन उनका जन्म अविभाजित पंजाब के लायलपुर जिले (अब पाकिस्तान में) के बंगा गांव में हुआ था।
क्रांतिकारियों के परिवार में जन्मे भगत सिंह अपने सात भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर थे। बचपन में उन्हें प्यार से ‘भागोंवाला’ (भाग्यशाली) कहा जाता था। उन्होंने राजगुरु और सुखदेव के साथ देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर अपने इस नाम को सच साबित किया।
उनकी जयंती के अवसर पर लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में ‘जश्न-ए-इंकलाब’ नामक राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, देशवासी शहीद भगत सिंह नगर स्थित उनके पैतृक गांव खटकर कलां पहुंचकर इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए नमन किया। सोशल मीडिया पोस्ट और एक वीडियो संदेश के माध्यम से पीएम मोदी ने कहा कि भगत सिंह के अदम्य साहस और वीरता ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा फूंकने का काम किया था। उन्होंने कहा कि देश के सम्मान के लिए सब कुछ न्योछावर करने का उनका जज्बा आज भी भारत के युवाओं के लिए साहस और संकल्प का प्रतीक है।
