प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देशभर में स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की इस प्रमुख योजना को खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गैर-कृषि क्षेत्र के नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए इच्छुक उद्यमियों को बैंक से स्वीकृत ऋण पर मार्जिन मनी (MM) सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
8.12 लाख उद्यमियों को मिली सहायता वित्त वर्ष 2014-15 से PMEGP के तहत अब तक करीब 8.12 लाख सूक्ष्म उद्यमियों को 24,398.61 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी दी जा चुकी है। इस योजना के माध्यम से लगभग 73.08 लाख लोगों के लिए टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी मांगने वालों के बजाय रोजगार देने वाला (Job Creator) बनाना है।
सफलता की दो प्रेरक कहानियां:
- स्किनकांती आयुर्वेद (हिमाचल प्रदेश): परवाणू की पूजा शर्मा द्वारा 25 लाख रुपये की शुरुआती परियोजना लागत और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से शुरू की गई यह इकाई आज सालाना 30 करोड़ रुपये का कारोबार कर रही है। यह उद्यम लगभग 300 लोगों को रोजगार दे रहा है, जिनमें 95% महिलाएं हैं।
- Ess Pee Quality Products (पंजाब): मोहाली में सुरेंद्र पाल सिंह नागी द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा से 21 लाख रुपये की लागत से शुरू की गई यह इकाई अब 38 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाले व्यवसाय में बदल चुकी है। करीब 130 लोगों को रोजगार देने वाली यह कंपनी शहद, कुकीज और फ्रूट जैम जैसे उत्पाद अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस सहित 26 देशों में निर्यात कर रही है।
रोजगार और समावेशी विकास को गति यह योजना पहली पीढ़ी के उद्यमियों को शुरुआती पूंजी की चुनौती से उबारने में मदद कर रही है। PMEGP के तहत इच्छुक और संभावित लाभार्थी योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने तथा ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधिकारिक PMEGP पोर्टल पर जा सकते हैं।
