भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय वार्ता: परिवहन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली: भारत और स्विट्जरलैंड ने परिवहन प्रौद्योगिकियों, गतिशीलता (मोबिलिटी) प्रणालियों और बुनियादी ढांचे के संवर्धन एवं सहयोग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्त, भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन के बीच एक सहमति पत्र (Letter of Intent) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता में सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था (Implementation Arrangement) पर सहमति बनी। इन समझौतों पर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन (Guy Parmelin) के बीच आयोजित द्विपक्षीय वार्ता के बाद हस्ताक्षर किए गए।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति स्विस राष्ट्रपति के प्रतिबद्धता की सराहना की। पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि भारत ने पिछले अक्टूबर में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) को लागू किया था। उन्होंने इसे किसी यूरोपीय आर्थिक ब्लॉक के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता बताते हुए निवेश, नवाचार, रोजगार और साझा समृद्धि का एक महत्वाकांक्षी ढांचा करार दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समझौते के तहत भारत का लक्ष्य अगले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में भारतीय निर्यात की बाजार पहुंच बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को सुगम बनाने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। इससे भारत के कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और इंजीनियरिंग सामान के स्विट्जरलैंड निर्यात में वृद्धि होगी, जबकि जैव प्रौद्योगिकी, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और स्थिरता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नया स्विस निवेश आकर्षित होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देश सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं।
इससे पहले स्विस राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर आज सुबह नई दिल्ली पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय तमटा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विस राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया, जहां उन्हें त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
पत्रकारों से बातचीत में स्विस राष्ट्रपति पारमेलिन ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक गहरा व समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित बताया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति पारमेलिन से मुलाकात की और द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के प्रति उनके दृष्टिकोण की सराहना की। स्विस राष्ट्रपति ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और वे शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे, जहां उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन किया जाएगा।
