‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और उससे जुड़े युवा संगठनों ने जंतर-मंतर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ प्रदर्शन का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की समीक्षा से जुड़ी है।
प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए, कई रेल सेवाओं को रद्द किए जाने की खबरें सामने आईं और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गईं। प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे युवाओं और आंदोलन के नेताओं को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है।
प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीप्तके तथा संगठन के वरिष्ठ नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली पहुंचने पर विमान में ही हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। आंदोलन से जुड़े संगठनों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की।
इसके अलावा, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूट्यूबर ध्रुव राठी और आंदोलन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के मध्य हिस्से में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई। प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की जांच और पुलिस गश्त बढ़ाई गई। संवेदनशील स्थानों पर दंगा-रोधी वाहनों तथा अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।
- मेट्रो सेवाएं: रिपोर्टों के मुताबिक, 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए। इसमें राजीव चौक, नई दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल थे।
- रेल सेवाएं: नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी 250 से अधिक रेल सेवाएं रद्द किए जाने की खबर आई।
- इंटरनेट सेवाएं: मध्य दिल्ली के निर्धारित क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया।
- सड़क यातायात: जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग तथा वाहनों की जांच के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
