संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को उसकी हरकतों के लिए बेनकाब कर दिया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वह परमाणु धमकियों से डरने वाला नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ हर ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में गूंजा भारत का कड़ा रुख
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की चौथी समिति में डीकोलोनाइजेशन (उपनिवेशवाद मुक्ति) पर चर्चा के दौरान भारत ने अपने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ (जवाब देने के अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा की धज्जियां उड़ाईं।
संसद सदस्या महिना कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि के बयान का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान पर वैश्विक मंच के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के बारे में झूठे दावे फैला रहा है।
इसके साथ ही, महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों (PoK) में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का भी पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना और उसके पाले हुए प्रॉक्सी अपने बुनियादी अधिकारों और जरूरतों के लिए प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर रहे हैं।
प्रिया सरोज ने रखी भारत की राष्ट्रीय बात
इस बीच, यूएनजीए की छठी समिति के 81वें सत्र के एजेंडा आइटम 75 (संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों और मिशन विशेषज्ञों की आपराधिक जवाबदेही) पर भारत का राष्ट्रीय बयान संसद सदस्या प्रिया सरोज ने दिया।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और अधिकारियों के किसी भी आपराधिक आचरण या कदाचार के प्रति भारत की ‘जीरो-टॉलरेंस’ (शून्यता-सहिष्णुता) की नीति को पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और सदस्य देशों के बीच मजबूत सहयोग तथा प्रभावी जवाबदेही तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
परमाणु धमकियों से नहीं डरेगा भारत: अनमोल शेर बेदी
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन (Conference on Disarmament) के लिए भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए की पहली समिति की बैठक में पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी।
- आतंकवाद पर दो-टूक: भारत ने स्पष्ट किया कि वह आतंकवाद को प्रायोजित करने वालों और उसके मास्टरमाइंडों के बीच कोई अंतर नहीं करेगा। किसी भी आतंकवादी हमले का करारा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
- ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र: पिछले साल पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले (जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी) के बाद चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए श्री बेदी ने बताया कि भारत ने आत्मरक्षा के तहत पूरी तरह नपे-तुले और लक्षित कदम उठाए थे, ताकि तनाव और न बढ़े।
- परमाणु ब्लैकमेल पर चेतावनी: भारत ने जोर देकर कहा कि परमाणु हथियारों को नियमित राज्य नीति का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। आतंकवादी गतिविधियों को छिपाने के लिए परमाणु धमकियों का इस्तेमाल क्षेत्रीय तनाव को खतरनाक रूप से बढ़ा सकता है।
- परमाणु प्रसार की चिंता: भारत ने अब्दुल कादिर खान (AQ Khan) नेटवर्क के पुराने इतिहास का हवाला देते हुए वैश्विक समुदाय को आगाह किया कि वे पाकिस्तान के साथ परमाणु और उन्नत सैन्य सहयोग बढ़ाने में अत्यधिक सावधानी बरतें।
