त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण किस्त तय तारीख से पहले जारी कर दी है। आमतौर पर यह राशि 10 नवंबर को जारी की जानी थी। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य राज्यों को पूंजीगत खर्च बढ़ाने और विकास कार्यों के लिए समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है।
इस राशि में सबसे अधिक 19,208 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश को मिले हैं। इसके अलावा बिहार को 10,845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त और पिछले सप्ताह भी केंद्र सरकार द्वारा ऐसी अतिरिक्त किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
राजकोषीय घाटे की स्थिति चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) के दौरान भारत का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपये यानी पूरे साल के बजट अनुमान का 42.1 प्रतिशत दर्ज किया गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 16.96 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान रखा है। इस अवधि में कुल राजस्व प्राप्तियां 17.57 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान का 49.7%) रहीं, जिसमें शुद्ध कर राजस्व 12.76 लाख करोड़ रुपये और गैर-कर राजस्व 4.81 लाख करोड़ रुपये शामिल है।
