डबल इंजन की सरकार की एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत बिहार के पूर्णिया में मौसम विभाग के लिए आधुनिक मौसम रडार स्थापित किया जा रहा है। इस रडार के चालू होने के बाद कोसी-सीमांचल और भागलपुर क्षेत्र के लोगों को वज्रपात, तूफान और आंधी जैसी मौसमी आपदाओं की सूचना कम से कम तीन घंटे पहले मिल सकेगी।
इस मौसम रडार का निर्माण लगभग 57 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। रडार के स्थापित होने के बाद पूर्णिया मौसम विभाग 150 किलोमीटर के दायरे में होने वाले मौसम बदलावों की सटीक और त्वरित जानकारी प्राप्त कर सकेगा, जिससे समय रहते चेतावनी जारी करना संभव होगा।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह रडार भारत सरकार की मिशन मौसम योजना के तहत स्थापित किया जा रहा है। पूर्णिया में बनने वाला यह रडार पटना के बाद बिहार का दूसरा मौसम रडार होगा। इसके माध्यम से वज्रपात, तेज आंधी और तूफान जैसी आपदाओं से बचाव और जनहानि को कम करने में बड़ी सहायता मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने मौसम रडार की स्थापना की खबर का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समय से पूर्व चेतावनी मिलने पर वे सतर्क रह सकेंगे और फसल, जान-माल को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
कोसी और सीमांचल का क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, जहां हर वर्ष बाढ़, चक्रवात, आंधी-तूफान और वज्रपात जैसी घटनाएं सामने आती हैं। सरकार की यह पहल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों के जीवन की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
