राजधानी पटना के खेमानीचक इलाके स्थित जगदंबा कॉलोनी में पुलिस ने नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 60 लीटर तैयार नकली शराब और 53 लीटर स्पिरिट बरामद की है। जांच के दौरान यह सामने आया है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे एक बड़े अवैध शराब नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दो से तीन दिन पहले उन्हें इस इलाके में नकली शराब निर्माण की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। रेड के दौरान एक लॉज नुमा मकान के कमरे में अवैध रूप से संचालित शराब फैक्ट्री का खुलासा हुआ।
मौके से विभिन्न नामी शराब कंपनियों की खाली बोतलें, ढक्कन और QR कोड बरामद किए गए हैं। जिन ब्रांड्स के नाम सामने आए हैं, उनमें आफ्टर डार्क 8 PM, रॉयल ग्रीन, ब्लेंडर और सिग्नेचर जैसी प्रसिद्ध शराब कंपनियां शामिल हैं। इससे साफ है कि नकली शराब को असली ब्रांड के रूप में बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि शराब तैयार करने वाला व्यक्ति काफी शातिर था। वह हाइड्रोमीटर सेट की मदद से शराब की स्ट्रेंथ मापता था और नामी कंपनियों की शराब में मिलावट कर नकली शराब तैयार करता था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस ने शराब निर्माण में प्रयुक्त एक लोहे की मशीन और करीब 4 लीटर केमिकल भी जब्त किया है।
पुलिस का कहना है कि नए साल के अवसर पर इस नकली शराब को बाजार में बेचने की योजना थी। हालांकि, छापेमारी के दौरान न तो कोई आरोपी मौके से पकड़ा गया और न ही मकान मालिक की पहचान हो सकी। मुख्य आरोपियों का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए आशंका जताई है कि जिले में ऐसे और भी अवैध शराब निर्माण केंद्र सक्रिय हो सकते हैं। मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
