पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:30 बजे लखनऊ में निर्मित भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे और एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान और संरक्षण के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के उद्घाटन का उन्हें सौभाग्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ-साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भव्य कांस्य प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस परिसर में एक अत्याधुनिक संग्रहालय विकसित किया गया है, जहां राष्ट्र निर्माण में इन महान और दूरदर्शी नेताओं के अमूल्य योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाया गया है। यह संग्रहालय आगंतुकों को भारत की राष्ट्रीय यात्रा और नेतृत्व मूल्यों से परिचित कराएगा।
‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ को एक राष्ट्रीय स्मारक और प्रेरणादायक परिसर के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्वतंत्र भारत के महान नेताओं के जीवन, आदर्शों और नेतृत्व को सम्मान देना है। यह परिसर लगभग 65 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है और इसके निर्माण पर करीब 230 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में विकसित किया गया है, जो नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्रीय सेवा और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देगा।
इस परिसर की प्रमुख विशेषता यहां स्थापित 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान का प्रतीक हैं। इसके अलावा कमल के आकार में बना आधुनिक संग्रहालय लगभग 98,000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां उन्नत डिजिटल और इमर्सिव तकनीक के माध्यम से इन नेताओं की विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन निस्वार्थ नेतृत्व, सुशासन और राष्ट्र सेवा के आदर्शों को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
