अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पूरे श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रामनगरी अयोध्या आस्था के सैलाब से सराबोर नजर आई। 22 जनवरी 2024 को हुई ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा की यादें एक बार फिर ताजा हो गईं, जब 31 दिसंबर 2025 को नए वर्ष के स्वागत से पहले अयोध्या उत्सव के रंग में रंगी दिखाई दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पावन अवसर पर रामभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए इसे आस्था और संस्कारों का दिव्य उत्सव बताया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से अयोध्या पहुंचे। दोनों नेताओं ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन कर आरती की। आरती के उपरांत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी ने माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन किए और लगभग 70 फीट ऊंचे मंदिर शिखर पर त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा का ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अध्यात्म और राष्ट्रीय चेतना की प्रतिष्ठा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन देशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या के संघर्षपूर्ण इतिहास को याद करते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौर में अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास किया गया। उन्होंने वर्ष 2005 की आतंकी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह आतंकियों ने अयोध्या में घुसने का दुस्साहस किया था, लेकिन पीएसी के जवानों ने साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए उन्हें मार गिराया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या की रक्षा करने वाले भगवान हनुमान को नमन करते हुए कहा कि उनकी कृपा से ही रामनगरी सदैव सुरक्षित रही है।
प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर अयोध्या की गलियां जय श्रीराम के नारों से गूंज उठीं और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर अपनी आस्था प्रकट की।
