प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वर्ष 2014 के बाद से विभिन्न खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। उन्होंने आज वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए पूरी मजबूती से प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने खेलों के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव और सुधार किए हैं, जिनमें राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और खेलो भारत नीति 2025 जैसे अहम कदम शामिल हैं।
श्री मोदी ने कहा कि देश का खेल मॉडल अब खिलाड़ी-केंद्रित हो गया है, यही कारण है कि 2014 के बाद भारतीय खिलाड़ियों की सफलता में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पौष्टिक आहार की व्यवस्था और पारदर्शी चयन प्रक्रिया जैसे विभिन्न पहलुओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश जेन-ज़ी के खिलाड़ियों को खेल के मैदान में तिरंगा फहराते हुए देखता है, तो उसे गर्व महसूस होता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हर व्यक्ति की अपनी भूमिका और जिम्मेदारी होती है और सफलता तभी मिलती है जब सभी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि देश भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। वॉलीबॉल और विकास के बीच समानता बताते हुए उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल टीम भावना से जुड़ा खेल है और इसका स्वभाव देश की विकास यात्रा जैसा है, जिसमें सहयोग और योगदान की तत्परता आवश्यक होती है।
आज से 11 जनवरी तक चलने वाली इस 8 दिवसीय राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में देशभर से 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों और संस्थानों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं। यह टूर्नामेंट भारतीय वॉलीबॉल में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा।
वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर में खेल अवसंरचना को मजबूत करने और एथलेटिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में बढ़ते फोकस को दर्शाता है। साथ ही, यह वाराणसी को राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित करता है।
