अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ शहर के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि अयोध्या में आधुनिक और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि इसी योजना के तहत अयोध्या के श्रीराम अस्पताल का बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन किया जाएगा। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे आपातकालीन और सामान्य उपचार दोनों को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
इसके अलावा अयोध्या में 300 बेड का एक नया सरकारी अस्पताल भी बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है। फिलहाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से अंतिम स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। अनुमति मिलते ही अस्पताल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
निजी क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मोदी कैंसर केयर ट्रस्ट अयोध्या में करीब 8 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण करेगा। यह अस्पताल हब-स्पोक मॉडल पर संचालित होगा और ट्रस्ट में अयोध्या के राजा परिवार का एक सदस्य स्थायी रूप से ट्रस्टी रहेगा। योजना के अनुसार दो वर्षों के भीतर अस्पताल का निर्माण पूरा कर ओपीडी और जांच सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
इसके साथ ही अयोध्या के राम कथा संग्रहालय को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। IIT मद्रास के सहयोग से यहां हनुमान जी की एक डिजिटल गैलरी तैयार की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता के साथ आधुनिक तकनीक का अनूठा अनुभव मिल सकेगा।
