राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बिहार और झारखंड के पांच जिलों—लातेहार, पलामू, गढ़वा, औरंगाबाद और गया—की एक लाख ग्यारह हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने वाली अंतरराज्यीय उत्तर कोयल नहर परियोजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने आज औरंगाबाद एवं गया जिले की सीमा पर स्थित आमस प्रखंड में उत्तर कोयल नहर परियोजना के विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
श्री अमृत ने स्पष्ट रूप से कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में भू-अर्जन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके पूर्ण होने से बड़े क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को परियोजना से जुड़े वर्तमान कार्यों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मगध प्रमंडल की आयुक्त सफीना ए.एन., औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा तथा गया के जिलाधिकारी शशांक सौरभ भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि बहुप्रतीक्षित उत्तर कोयल नहर परियोजना पिछले लगभग 50 वर्षों से लंबित रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना को हर हाल में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि बिहार और झारखंड के किसानों को स्थायी और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
