प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्चुअल माध्यम से गुवाहाटी–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी रवाना किया।
पूरी तरह से वातानुकूलित यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर हवाई जहाज जैसी यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 आधुनिक कोच हैं, जिनमें 823 यात्रियों के बैठने और सोने की व्यवस्था है। रिपोर्टों के अनुसार, यह सेवा विशेष रूप से आम यात्रियों, छात्रों, पेशेवरों, प्रवासी श्रमिकों, व्यापारियों और धार्मिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम है। इसे विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
ट्रेन में आरामदायक स्लीपर बर्थ, स्वचालित दरवाजे, स्वदेशी कवच सुरक्षा प्रणाली, आधुनिक शौचालय, अग्नि पहचान प्रणाली, सुरक्षा निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी आधारित निगरानी और डिजिटल पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
किराये की बात करें तो थर्ड एसी के लिए भोजन सहित लगभग 2,300 रुपये, सेकेंड एसी के लिए करीब 3,000 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए लगभग 3,600 रुपये तय किए गए हैं।
इस पूरी तरह एसी ट्रेन में करीब 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान सांस्कृतिक और स्वादिष्ट भोजन का अनुभव मिलेगा।
