केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत नागरिकों से पूछे जाने वाले 33 सवालों को अधिसूचित कर दिया है। जनगणना का पहला चरण यानी हाउस-लिस्टिंग ऑपरेशन 1 अप्रैल से शुरू होगा। यह प्रक्रिया प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा तय किए गए 30 दिनों की अवधि में 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी।
इस चरण के दौरान गणनाकर्मी घर के स्वामित्व की स्थिति, मकान के उपयोग, फर्श और छत में इस्तेमाल की गई सामग्री, कमरों की संख्या और परिवार के मुखिया के लिंग से जुड़े सवाल पूछेंगे। इसके बाद मकान की स्थिति, उसका उपयोग और उसमें सामान्य रूप से रहने वाले लोगों की संख्या की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
अधिकारियों द्वारा परिवार के मुखिया से संबंधित विवरण भी एकत्र किया जाएगा, जिसमें नाम, लिंग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य समुदाय से संबंध और घर के स्वामित्व की स्थिति शामिल होगी।
इसके अलावा नागरिकों से उनके घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। इसमें पीने के पानी का मुख्य स्रोत, रोशनी का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की सुविधा, रसोई की उपलब्धता, एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन और खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य ईंधन से जुड़े सवाल शामिल हैं।
गणनाकर्मी घरों में मौजूद सुविधाओं और संसाधनों के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे, जैसे रेडियो या ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की उपलब्धता, लैपटॉप, कंप्यूटर, टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, वाहन का प्रकार, परिवार में उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज और जनगणना से संबंधित संपर्क के लिए मोबाइल नंबर।
सरकार ने नागरिकों को स्वयं गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया है। यह विकल्प हाउस-लिस्टिंग के 30 दिनों के आधिकारिक कार्य शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि के लिए उपलब्ध होगा।
जनगणना 2027 दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का होगा, जो अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा, जबकि दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी।
