नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने वनाग्नि की रोकथाम के लिए की जा रही पूर्व तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वनों में आग लगाने जैसी असंवेदनशील और अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आग लगने की किसी भी घटना की स्थिति में सुरक्षात्मक दृष्टि से संबंधित क्षेत्र के चिकित्सालयों को अलर्ट मोड में रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में बताया गया कि जनपद में वनाग्नि रोकथाम के लिए कुल 239 क्रू स्टेशन स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक क्रू स्टेशन पर चार-चार फायर वाचरों की तैनाती की जाएगी। इन सभी फायर वाचरों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनका बीमा भी कराया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही वन क्षेत्रों में पीरूल संग्रहण का कार्य भी लगातार किया जा रहा है। इस वर्ष जिले में 9,000 कुंतल पीरूल एकत्र करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वनाग्नि की रोकथाम के लिए फायर लाइन निर्माण का कार्य भी तेज़ी से किया जा रहा है, साथ ही आम नागरिकों को वनाग्नि के खतरों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
