प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौतों ने दुनिया में यह भरोसा पैदा किया है कि भारत वैश्विक स्थिरता की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते कर रहा है, जिन्हें दुनिया भर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारत के युवाओं के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि हाल के समय में नौ महत्वपूर्ण व्यापार समझौते हुए हैं, जिनमें 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ हुआ बड़ा समझौता भी शामिल है, जिसे उन्होंने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते ने वैश्विक स्तर पर स्थिरता का संदेश दिया है, जबकि अमेरिका के साथ हुए समझौते ने दुनिया में सकारात्मक आर्थिक माहौल और भरोसा मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन व्यापार समझौतों का सबसे ज्यादा फायदा देश के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद की दुनिया में जब वैश्विक अस्थिरता बढ़ रही है, तब एक नया विश्व व्यवस्था उभर रही है और निष्पक्ष विश्लेषण से साफ दिख रहा है कि दुनिया का झुकाव भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज कई देशों के लिए भरोसेमंद साझेदार और दोस्त बन चुका है और वैश्विक कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत की दिशा में पिछले एक साल में हुई तेज प्रगति को रेखांकित किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में देश ने हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग में बदलाव देखा है और भारत तेज गति से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब देश तदर्थ निर्णयों से नहीं बल्कि स्पष्ट नीतियों से चल रहा है और ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ का मंत्र देश को तेजी से आगे ले जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने, उद्यमियों को सशक्त बनाने और वैल्यू एडिशन बढ़ाने के लिए संरचनात्मक और नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है और आने वाला समय खासकर युवाओं के लिए अवसरों से भरा हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों और सांसदों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों को गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अवसरों की स्थिरता उच्च गुणवत्ता मानकों पर निर्भर करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत की विकास दर काफी ऊंची है और महंगाई कम है, जो मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है। उन्होंने कहा कि पहले “इंडिया मिस्ड द बस” जैसी बातें कही जाती थीं, लेकिन आज भारत किसी अवसर को नहीं खो रहा बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्था में गिना जाता था, लेकिन अब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही के दौरान अव्यवस्थित व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राष्ट्रपति पद, आदिवासी समाज और संविधान का अपमान है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर की गई टिप्पणी को भी सिख समुदाय का अपमान बताया।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वह घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है और अदालतों पर दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए देश के युवाओं के अधिकार छीन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत युवाओं को मुद्रा योजना के जरिए 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बिना गारंटी वाले ऋण दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए काल में एनपीए सबसे ज्यादा था, लेकिन अब यह एक प्रतिशत से भी नीचे आ गया है, जो बैंकिंग सिस्टम की मजबूती दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए 85 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं की समीक्षा कर उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया गया।
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट किया। बजट सत्र की शुरुआत पर पिछले महीने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था।
इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए बीजेपी सांसद माया नारोलिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं गांवों तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब चार लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का खाद्यान्न उत्पादन 330 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है।
वहीं आम आदमी पार्टी के संदीप कुमार पाठक ने संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। टीडीपी के के आर सुरेश ने जीएसटी सुधारों की सराहना की।
प्रधानमंत्री के भाषण के बाद राज्यसभा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा ने भी पहले ही इस प्रस्ताव को पारित कर दिया था।
