महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर Mahakaleshwar Temple शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर दिखाई दिया। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब रात से ही दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित और सुलभ दर्शन की विशेष व्यवस्था की है।
प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस महापर्व पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु Ujjain पहुंच सकते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पूरे शहर में साफ दिखाई दे रहा है।
इस खास अवसर पर बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में दुर्लभ और अलौकिक शृंगार में सजाया गया। माथे पर त्रिशूल और चंद्रमा अर्पित करते हुए किया गया यह विशेष शृंगार वर्ष में केवल एक बार किया जाता है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार यह शृंगार भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह तथा शिव के सौम्य और उग्र स्वरूप के संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
महाशिवरात्रि की इस आध्यात्मिक रात्रि में उज्जैन नगरी श्रद्धा, साधना और शिवमय चेतना का जीवंत केंद्र बन गई है। मंदिर परिसर में शिव नवरात्रि और महाशिवरात्रि का उत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है।
मंदिर के पुजारियों के अनुसार लगातार 44 घंटे तक बाबा का दरबार भक्तों के लिए खुला रहेगा। इस दौरान भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया है। श्रद्धालु बाबा को दूध, दही और जल अर्पित कर रहे हैं और पूरे दिन मंदिर के कपाट खुले रहेंगे।
विशेष अनुष्ठानों के तहत बाबा का दूध, दही और गंगाजल से पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके साथ ही फलों के रस से स्नान कराया गया और भांग से विशेष शृंगार किया गया। बाबा के माथे पर सेहरानुमा मुकुट के साथ त्रिशूल, चंद्रमा और सूर्य के प्रतीक अर्पित किए गए, जो दिन और रात दोनों पर शिव के अधिपत्य का प्रतीक माने जाते हैं।
शाम के समय बाबा की विशेष पूजा की जाएगी, जो अगले दिन सुबह तक चलेगी। इसके बाद प्रकृति सेहरा अर्पित किया जाएगा। 16 फरवरी को विशेष समय पर भस्म आरती भी आयोजित की जाएगी, जो वर्ष में केवल एक बार की जाती है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार 15 और 16 फरवरी को मंदिर में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल सुविधा, सुगम दर्शन व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
