अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल कीमतें सात महीने के उच्च स्तर के आसपास बनी हुई हैं। हालांकि अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में बढ़ोतरी ने बाजार में आपूर्ति अधिक होने की चिंता भी बढ़ा दी है।
लंदन में ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 71 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो दिन में करीब आधा प्रतिशत की बढ़त के साथ जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) वायदा लगभग 65.8 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जो करीब 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है और अगस्त की शुरुआत के स्तर के आसपास बना हुआ है।
पिछले एक महीने में दोनों वैश्विक बेंचमार्क में लगभग आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते बाजार में जोखिम प्रीमियम का बढ़ना है। निवेशक वाशिंगटन और तेहरान के बीच संभावित टकराव की आशंका पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि ऐसा होने पर क्षेत्र से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
ईरान, OPEC का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। ऐसे में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।
दूसरी ओर, American Petroleum Institute के ताजा आंकड़ों के अनुसार 20 फरवरी को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में लगभग 1.14 करोड़ बैरल की बढ़ोतरी हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक आपूर्ति अभी भी मांग से अधिक हो सकती है।
अब कारोबारी आगे की दिशा के लिए अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अधीन U.S. Energy Information Administration द्वारा जारी होने वाले आधिकारिक भंडार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों से तेल कीमतों की अगली चाल तय होने की संभावना है।
