दुनिया भर के वित्तीय बाजारों की नजर इस सप्ताह कई महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है। खासतौर पर United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव, वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा बाजार में संभावित व्यवधान तथा Donald Trump की हालिया टिप्पणियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं का असर दुनिया के शेयर बाजारों और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े भी जारी होने वाले हैं, जिन पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इनमें अमेरिका की महंगाई दर और बेरोजगारी दावों के आंकड़े शामिल हैं। इसके अलावा United Kingdom और Japan की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से जुड़े आंकड़े भी सामने आएंगे। इन आर्थिक संकेतकों के आधार पर वैश्विक बाजारों की दिशा तय हो सकती है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की चाल को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक होंगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
खासकर Strait of Hormuz में पैदा हुई अनिश्चितता को लेकर बाजार में चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यदि यहां किसी तरह का व्यवधान होता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
घरेलू बाजारों की बात करें तो भारत में निवेशकों की भावनाएं भी काफी हद तक वैश्विक घटनाओं से प्रभावित होंगी। इसके साथ ही इस सप्ताह भारत की खुदरा महंगाई के आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और म्यूचुअल फंड के निवेश से जुड़े आंकड़े भी जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े निवेशकों को अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में संकेत देंगे।
पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला था। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 लगभग 2.9 प्रतिशत तक गिर गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
