बिहार के Buxar जिले में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिले की जिलाधिकारी Kumari Sahila ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलास्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी कुमारी सहिला ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए विशेष पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिनके जरिए जनगणना से संबंधित सभी सूचनाएं ऑनलाइन दर्ज की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में Patna से आए विशेषज्ञ अधिकारी भी शामिल हैं, जो अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल प्रणाली के संचालन और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। विशेषज्ञों द्वारा यह बताया जा रहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किस प्रकार डेटा संग्रह, सत्यापन और अपलोड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जिला सभागार में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल छह दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम के पहले तीन दिनों में जिलास्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में प्रखंड स्तर के कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं और डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा कर सकें।
प्रशिक्षण देने के लिए पटना से पहुंची तकनीकी टीम ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित की जाएगी। इसके लिए सीएमएस पोर्टल, एचएलपीई पोर्टल और एचएलडी ऐप सहित कई डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। तकनीकी टीम के अधिकारी Janardan Rai ने बताया कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही जनगणना का पूरा कार्य संचालित होगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे सभी तकनीकी प्रक्रियाओं को सही तरीके से समझ सकें और जनगणना के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल प्रणाली के उपयोग से जनगणना की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
