पश्चिम एशिया में इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव के बीच भारत से खाड़ी क्षेत्र के देशों के लिए हवाई सेवाएं सावधानी के साथ जारी रखी जा रही हैं। इसी क्रम में आज भारत और क्षेत्र के विभिन्न देशों के बीच कुल 48 उड़ानों का संचालन किया जा रहा है, ताकि वहां फंसे यात्रियों और नियमित यात्रा करने वालों को राहत मिल सके।
विमानन कंपनी ने जानकारी दी है कि आज भारत के विभिन्न शहरों से जेद्दा के लिए कुल 10 उड़ानें संचालित होंगी। इनमें राजधानी दिल्ली और मुंबई से एक-एक आने-जाने वाली सेवा शामिल है। इसके अलावा दूसरी भारतीय विमानन सेवा द्वारा बेंगलुरु, कोझिकोड और मंगलूरु से भी एक-एक उड़ान संचालित की जाएगी।
इसी तरह मस्कट के लिए कुल 12 उड़ानों का संचालन तय किया गया है। इनमें दिल्ली, कन्नूर, मुंबई और तिरुवनंतपुरम से एक-एक सेवा रखी गई है, जबकि कोच्चि से दो-दो सेवाएं संचालित की जाएंगी। इन उड़ानों का उद्देश्य उन यात्रियों को सुविधा देना है जो पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में काम, व्यापार या पारिवारिक कारणों से यात्रा कर रहे हैं।
एक अन्य विमानन कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा से भारत के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की है। इसके साथ ही दुबई से पुणे के लिए भी विशेष सेवा संचालित की जा रही है, ताकि अचानक बदले हालात में यात्रियों को वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराया जा सके।
कतर की राष्ट्रीय विमानन सेवा ने भी नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि सहित भारत के कई शहरों के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य उन भारतीय नागरिकों को यात्रा सुविधा देना है जो क्षेत्रीय तनाव के कारण विभिन्न हवाई अड्डों पर रुके हुए हैं।
उधर बहरीन के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कुछ उड़ानों को दम्माम स्थित हवाई अड्डे के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इससे यात्रा समय में बढ़ोतरी हो रही है और उड़ानों के मार्ग बदले जा रहे हैं।
ईरान और इराक के ऊपर हवाई क्षेत्र सीमित होने के कारण विमान कंपनियों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इसके कारण उड़ानों की अवधि सामान्य से अधिक हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए भारत के नागरिक उड्डयन नियामक ने कुछ समय के लिए उड़ान संचालन नियमों में राहत दी है, ताकि चालक दल लंबी दूरी की उड़ानों को सुरक्षित रूप से संचालित कर सके।
विमानन कंपनियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जांच लें, क्योंकि क्षेत्रीय हालात के अनुसार समय और मार्ग में अचानक बदलाव संभव है। मौजूदा संघर्ष की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में उड़ान कार्यक्रमों में और परिवर्तन किए जा सकते हैं।
