उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकी रेती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में भाग लेकर युवाओं से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि यह ऐसी जीवन पद्धति है जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है तथा आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवा मानसिक और शारीरिक थकावट का सामना कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में योग सबसे प्रभावी सहायक बन सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसी दिशा में वर्ष 2025 की योग नीति लागू की गई है, जिसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में पचास और दस शैय्या वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। योग और आध्यात्मिक गतिविधियों के विस्तार के लिए दस करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह योग महोत्सव पिछले पैंतीस वर्षों से भारत की योग परंपरा को विश्वभर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक धरोहर के रूप में योग ने हजारों वर्षों से मानव जीवन को संतुलित करने का मार्ग दिखाया है और आज यह पूरी दुनिया में स्वस्थ जीवन तथा मानसिक शांति का आधार बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्व को वैश्विक पहचान दिलाने में नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसके बाद आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियां, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष हजारों साधक यहां आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं और ऋषिकेश को विश्व की योग राजधानी के रूप में जो पहचान मिली है, वह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस समय आयुष आधारित तीन सौ से अधिक आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक विशेषज्ञ परामर्श पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम से आयुष सलाह भी उपलब्ध कराई जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के प्रत्येक गांव को पर्यटन से जोड़ने वाली नई योजना का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी विचार रखे। आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस बार योग महोत्सव में ढाई हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है और लगभग डेढ़ सौ योग संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से आए योग साधकों ने योग की अनेक विधाओं का प्रदर्शन कर कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
