अहमदाबाद को औपचारिक रूप से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार मिल गया है। यह निर्णय ग्लासगो, यूनाइटेड किंगडम में आयोजित जनरल असेंबली में 74 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से मंजूर किया गया। इसके साथ ही भारत दूसरी बार इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी।
इस फैसले ने 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भारत की महत्वाकांक्षाओं को भी मजबूती प्रदान की है।
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट द्वारा 2030 गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद को सौंपना देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक एक वैश्विक खेल शक्ति बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा कि भारत पैमाने, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, खेलों के प्रति जुनून और महत्त्व — सभी को एक साथ लाता है, जो उसे एक आदर्श मेजबान बनाता है।
अहमदाबाद, जो 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है, ने पिछले एक दशक में अपने खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से उन्नत किया है। शहर की दृष्टि ग्लासगो 2026 की गति को आगे बढ़ाती है और भारत की सांस्कृतिक व खेल क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने बताया कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 से 17 खेलों को शामिल किया जाएगा, जिनकी अंतिम सूची अगले वर्ष जारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य एथलीटों और समुदायों को जोड़ना और कॉमनवेल्थ की सदी पुरानी खेल परंपरा का उत्सव मनाना है।
