महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का आज सुबह बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस कठिन क्षण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई केंद्रीय और राजकीय नेता मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के कई राजनीतिक चेहरे शामिल थे।

अज़ित पवार का पार्थिव शरीर पहले कातेवाड़ी निवासी स्थल से विद्यालय मैदान तक लाया गया, जहाँ स्थानीय नागरिकों, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने शोक जताया। लोग “अजित दादा अमर रहे” के नारों के साथ उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे थे। कई जगहों पर लोग भावुक होकर अपनी आख़िरी श्रद्धांजलि दे रहे थे।
पिछले दिन विमान दुर्घटना में पवार का निधन हो गया था, जब वे मुंबई से बारामती की ओर जा रहे थे और विमान रनवे के पास क्रैश-लैंडिंग का शिकार हो गया था। इसमें वे और चार अन्य व्यक्ति सभी की मौत हो गई थी। दुर्घटना के कारणों की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा जारी की जा रही है।
मृतक नेता के बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी और पारिवारिक परंपरा के अनुसार उन्हें पंचतत्व में विलीन किया गया। महाराष्ट्र भर से बड़ी संख्या में लोग, समर्थक और राजनीतिक कार्यकर्ता बारामती आए और श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्य सरकार ने पवार के निधन के पश्चात तीन दिनों का राज्य शोक घोषित कि और इस अवधि के दौरान सार्वजनिक कार्यालयों में झंडा आधा-नीचा रखा जायगा। समाज के विभिन्न वर्गों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें एक कर्मठ प्रशासक, राजनीतिक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में याद किया।
अजित पवार महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने विभिन्न सरकारों में छह बार इस पद को संभाला और राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से राजनीति में बड़ा वैकेंसी पैदा हो गया है और NCP तथा महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य पर इसके प्रभाव को लेकर अटकलें तेज हैं।
