केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित “नूतन न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
प्रदर्शनी में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से जुड़ी प्रमुख विशेषताओं को सरल, दृश्य और इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों और अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराना है।
प्रदर्शनी में समयबद्ध जांच और चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की वैधता तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए सशक्त प्रावधानों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
बताया गया कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड देश में पहले स्थान पर रहा है। यह प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी।
इस अवसर पर अमित शाह ने उत्तराखण्ड सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक निर्णयों को प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दिखाया गया है।
