सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने देश के पूर्व सैनिकों, सेवारत सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा उनके साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि पूर्व सैनिकों की बहादुरी, निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस जैसे अवसर न केवल हमारे वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के दिन हैं, बल्कि उन्हें सार्थक सहयोग प्रदान करने का भी अवसर हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्व सैनिक राष्ट्र सेवा के प्रति सदैव पूर्ण रूप से समर्पित रहेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस पर पूर्व सैनिकों, वर्तमान में सेवा दे रहे जवानों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सैनिकों का जीवन साहस, सम्मान और स्वयं से पहले राष्ट्र के सिद्धांत को समर्पित होता है। रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में देश की सीमाओं की रक्षा करने और भारत की भावना को जीवित रखने में सैनिकों के योगदान की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सैनिकों के बलिदान राष्ट्र की मजबूत ढाल हैं, जो न केवल हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, बल्कि गणतंत्र की आत्मा और भारत की शाश्वत भावना के प्रतीक भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र अपने सैनिकों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा और पूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों तथा उनके परिवारों की गरिमा, कल्याण और भलाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अडिग और दृढ़ बनी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस स्वर्गीय फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। फील्ड मार्शल करिअप्पा 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। यह दिवस भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले वीर सैनिकों के साहस, योगदान और निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाता है।
