उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने से पहले प्रशासन और नगर पंचायत द्वारा यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
पिछले वर्ष नवंबर में बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद नगर पंचायत बदरीनाथ द्वारा पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए डीप सेनेटाइजेशन अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पर्यावरण मित्रों ने मंदिर परिसर के साथ ब्रह्म कपाल, तप्त कुंड, बामणी पैदल मार्ग, मुख्य बाजार, साकेत चौराहा, बद्रीश झील और शेषणेत्र झील के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया।
नगर पंचायत बदरीनाथ ने पिछले यात्रा सीजन के दौरान धाम में एकत्रित कचरे का प्रबंधन कर उसे विपणन के जरिए करीब 9 लाख रुपये की आय भी अर्जित की। यात्रा सीजन के दौरान हर वर्ष पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जाती है ताकि क्षेत्र को स्वच्छ रखा जा सके।
कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर, कॉम्पेक्टर मशीन, ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर मशीन सहित अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं भी स्थापित की गई हैं। इन व्यवस्थाओं से कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि बदरीनाथ नगर पंचायत ने अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए इको टूरिस्ट शुल्क और हेलीकॉप्टर संचालन से भी अच्छी आय अर्जित की है। उन्होंने अन्य नगर पालिकाओं और पंचायतों को भी इस मॉडल से सीख लेने की सलाह दी है।
प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
