उत्तर प्रदेश के बहराइच में सोमवार की सुबह मेडिकल कॉलेज परिसर का नज़ारा सामान्य नहीं था। जहां रोज़ यहां मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही होती थी, वहीं आज केवल धूल का गुबार और बुलडोज़रों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी। कैमरे में कैद ये तस्वीरें बहराइच के महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर की हैं, जहां प्रशासन ने 24 साल पुराने आदेश के अनुसार अवैध मजारों को ढहाया।
भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में एक-एक कर अवैध मजारें ध्वस्त की गईं। हालांकि, कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। बुलडोज़र की आवाज़ ने यह साफ कर दिया कि अब अवैध अतिक्रमण पर किसी प्रकार की नरमी नहीं होगी।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के पास जिलाधिकारी कार्यालय के निकट सदियों पुराने रसूल शाह बासवाड़ी का अस्ताना है। पहले यहां केवल दो मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं, लेकिन बाद में देखरेख करने वालों ने लगभग 10 अन्य छोटी मजारें भी स्थापित कर दीं।
वर्ष 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने इन 10 मजारों को अवैध घोषित किया और इनके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। इसके खिलाफ संबंधित पक्ष ने 2004 में जिलाधिकारी से अपील की थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद मंडलायुक्त के पास अपील की गई, लेकिन 2019 तक कोई राहत नहीं मिली।
2023 में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद ये मजारें परिसर में आ गईं। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि बीते 10 जनवरी को संबंधित पक्ष को अवैध मजारों को 17 जनवरी तक हटाने का नोटिस दिया गया था।
