संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी, कथक नृत्यांगना पूर्णिमा पांडेय सहित चार पूर्व छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मालिनी अवस्थी को पुरस्कार प्रदान किया। सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक रोचक वाकया भी साझा किया, जिसे उन्होंने हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में प्रस्तुत किया, जिससे समारोह का माहौल और अधिक जीवंत हो गया।
भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शताब्दी समारोह मना रहा है। इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने तकनीक के माध्यम से दशकों पहले के विश्वविद्यालय से जुड़ा 15 पैसे का एक दुर्लभ डाक टिकट भी प्रदर्शित किया, जिसने उपस्थित लोगों को विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा से रूबरू कराया।
इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान और अविनाश सिंह, विधायक नीरज बोरा तथा प्रमुख सचिव अमृत अभिजात भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. सोनल मानसिंह ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
शताब्दी समारोह के दौरान भातखंडे विश्वविद्यालय की संगीत, नृत्य और संस्कृति के क्षेत्र में दी गई ऐतिहासिक उपलब्धियों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह संस्थान पिछले सौ वर्षों से भारतीय शास्त्रीय संगीत और कला परंपरा को सहेजने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
