बिहार में अपराध अनुसंधान और साक्ष्य संग्रहण की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में 34 चलंत फॉरेंसिक वाहनों का लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम मुख्य मार्ग के सामने आयोजित एक विशेष समारोह में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री (गृह) सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। इनके अलावा सरकार और प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग समारोह में शामिल हुए।
लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ये चलंत फॉरेंसिक वाहन अपराध स्थल तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करेंगे और आधुनिक तकनीक के माध्यम से साक्ष्यों के वैज्ञानिक संग्रहण एवं जांच में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि अधिक विश्वसनीय और प्रभावी भी बनेगी, जिससे अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई संभव हो सकेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार से न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
समारोह में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि चलंत फॉरेंसिक वाहनों की सुविधा से अपराध अनुसंधान अधिक पारदर्शी होगा और साक्ष्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
