बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की प्रतिभाशाली खिलाड़ी केशर राज का चयन इंडोनेशिया के जकार्ता में 18 से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली कैडेट एशियन फेंसिंग (तलवारबाजी) प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में किया गया है। इस उपलब्धि के साथ केशर बिहार की पहली बालिका खिलाड़ी बन गई हैं, जो अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
इस उपलब्धि पर पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने केशर राज को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि केशर ने सात साल की उम्र से ही फेंसिंग का प्रशिक्षण शुरू किया और लगातार मेहनत के दम पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि केशर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बिहार और देश का नाम रोशन करेंगी।
मोतिहारी के अंबिकानगर मोहल्ले की रहने वाली केशर राज अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी लगातार आगे बढ़ती रही हैं। उन्होंने बेहद कम उम्र में फेंसिंग की ट्रेनिंग शुरू की और जल्द ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। राष्ट्रीय स्तर पर केशर दो स्वर्ण पदक, एक रजत पदक और दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा वर्ष 2025 में उत्तराखंड में आयोजित एशिया कैडेट कप में भी वे भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
वर्तमान में केशर राज खेलो इंडिया योजना के तहत पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण ले रही हैं। उनका लक्ष्य कैडेट एशियन फेंसिंग प्रतियोगिता में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है।
केशर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें अभ्यास के लिए मैदान और प्रशिक्षक की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन बिहार सरकार की मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत बनाए गए खेल भवन में प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलीं, जिससे वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकीं।
केशर की मां कुमारी रानी ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनकी बेटी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर बिहार और भारत का नाम ऊंचा करेगी।
तलवारबाजी संघ के सचिव अप्पू कुमार ने भी केशर की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने बताया कि केशर ने राष्ट्रीय स्तर पर सात पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्होंने बिहार सरकार की खेल योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं के विकास से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। साथ ही “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के तहत कई खिलाड़ियों को रोजगार भी मिल रहा है।
केशर राज की सफलता की कहानी उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखती हैं।
