समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सोमवार को चित्रकूट के राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 320 जोड़ों का विवाह हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध धर्म की परंपराओं के अनुसार विधिवत संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और वर-वधु के परिजन उपस्थित रहे।
इस सामूहिक विवाह समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। विवाह संपन्न होने के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें सुखद वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरे परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
इस बार सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर पारदर्शिता और व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल की गई। किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की आशंका को देखते हुए वर और वधु का बायोमैट्रिक सत्यापन कराया गया। इस प्रक्रिया की लाभार्थियों ने सराहना की और इसे योजना की विश्वसनीयता बढ़ाने वाला कदम बताया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं, 15 हजार रुपये विवाह आयोजन के लिए और 25 हजार रुपये के उपहार स्वरूप सामग्री के रूप में दिए जाते हैं। इस सहायता से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह संबंधी खर्चों में बड़ी राहत मिलती है।
इसके अलावा, एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत इस बार नवविवाहित जोड़ों को रोटी रखने के लिए लकड़ी का केश रोल भी उपहार में दिया गया। यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सामाजिक समरसता, आर्थिक सहयोग और समान अवसर की भावना को मजबूत करती है। इस योजना के माध्यम से सरकार जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से विवाह संपन्न कराने में सहायता कर रही है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
