उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वैश्विक पर्यावरणीय अभियान ‘अर्थ ऑवर’ (Earth Hour) के अवसर पर एक जिम्मेदार नागरिक और जननायक की भूमिका निभाते हुए प्रकृति संरक्षण का बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार की रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अपने शासकीय आवास की सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद रखीं और इस वैश्विक मुहिम में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का स्मरण
मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि ‘अर्थ ऑवर’ की यह एक घंटे की पहल मात्र सांकेतिक नहीं है, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति हमारी मौलिक जिम्मेदारियों का स्मरण कराती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लाइटें बंद कर उन्होंने यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
ऊर्जा संरक्षण और वैश्विक संकल्प
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे उस संकल्प को और अधिक मजबूत करती है, जो हम पर्यावरण को बचाने और जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम करने के लिए लेते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जिएं।
जनता से प्रकृति संरक्षण की अपील
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की जनता का आह्वान करते हुए कहा, “आइए, हम सभी मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें जन-भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।” मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि यह राज्य में ‘ग्रीन इकोनॉमी’ और ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ (सतत विकास) के उनके विजन के अनुरूप है।
