बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के पांचवें चरण के तहत कल, यानी 24 मार्च को कैमूर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा जिले के विकास और विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री चैनपुर प्रखंड के नौघड़ा गांव में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उपहार जनता को सौंपेंगे।
300 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नौघड़ा गांव में लगभग 300 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह गांव बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान का पैतृक निवास है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। स्थानीय लोगों में इस दौरे को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि बड़ी राशि की ये परियोजनाएं क्षेत्र की सूरत बदलने वाली साबित होंगी।
शिक्षा पर विशेष फोकस: 520 बेड का अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय
मुख्यमंत्री की इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण नौघड़ा में बन रहा अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय है।
- क्षमता: इस विद्यालय में 520 बेड की क्षमता होगी।
- समानता: इसमें आधे छात्र और आधी छात्राओं के रहने की व्यवस्था की गई है।
- निःशुल्क सुविधाएं: विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आवास, भोजन, कपड़े और जूते जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।
मंत्री मोहम्मद जमा खान ने बताया कि 2005 से ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार का प्राथमिक लक्ष्य शिक्षा रहा है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के कमजोर बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
प्रशासन मुस्तैद: जिलाधिकारी ने लिया तैयारियों का जायजा
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए कैमूर के जिलाधिकारी (DM) नितिन कुमार सिंह स्वयं सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने नौघड़ा गांव और जनसभा स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री कल सुबह लगभग 10 बजे कैमूर पहुंचेंगे। वे यहां करीब 1 से 2 घंटे का समय बिताएंगे, जिसमें योजनाओं का अवलोकन, लोकार्पण और संबोधन शामिल है।
मुख्यमंत्री की यह ‘समृद्धि यात्रा’ कैमूर के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। 300 करोड़ की योजनाओं और आधुनिक आवासीय विद्यालय के माध्यम से न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में शिक्षा का स्तर भी ऊंचा उठेगा।
