मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व लेखपाल भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राजस्व परिषद को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण प्रावधानों का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की त्रुटि या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब राजस्व परिषद द्वारा श्रेणीवार रिक्तियों की दोबारा गहन समीक्षा की जा रही है। इसके आधार पर एक संशोधित अधियाचन तैयार किया जाएगा, जिसे एक सप्ताह के भीतर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से संपन्न हो।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि यदि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप आरक्षण का सही और ईमानदार क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2025 को जारी राजस्व लेखपाल भर्ती विज्ञापन के बाद श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों में विसंगतियाँ सामने आई थीं। इसके बाद यह मामला शासन स्तर पर पहुंचा और अब पूरी भर्ती प्रक्रिया को दुरुस्त कर नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाने की कवायद तेज कर दी गई है।
