उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है। सोमवार को कड़ाके की ठंड के बाद मंगलवार को भी मौसम के तेवर तीखे रहे। सुबह कोहरे की चादर फैलने से सड़कों पर दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जबकि दोपहर में मौसम खुला लेकिन ठंड पर कोई असर नहीं पड़ा। मौसम का असर केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है।
मंगलवार और बुधवार को लखनऊ समेत 30 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया। राजधानी लखनऊ के तीन बड़े अस्पतालों – सिविल, बलरामपुर और लोकबंधु में बीपी और हार्ट से जुड़े मरीजों की संख्या में 35 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ठंड के दौरान हार्ट और बीपी के मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही सुबह-शाम टहलने से भी परहेज करना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम किया जा सके। राकेश वर्मा, डायरेक्टर, कानपुर कार्डियोलॉजी ने कहा कि बढ़ती ठंड ने मरीजों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है।
इटावा में तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर में 4.5 डिग्री, कानपुर में 4.6 डिग्री, महराजगंज और आजमगढ़ में 5.2 डिग्री तक गिर गया। यह लगातार गिरता न्यूनतम तापमान लोगों के जन जीवन और स्वास्थ्य पर स्पष्ट असर डाल रहा है।
