नागर विमानन महानिदेशालय ने पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारतीय विमान सेवाओं को नौ देशों के हवाई क्षेत्र का उपयोग न करने का निर्देश जारी किया है। जिन देशों के ऊपर से उड़ान संचालन से बचने को कहा गया है, उनमें बहरीन, ईरान, इराक, इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
नागर विमानन महानिदेशालय की अधिसूचना में कहा गया है कि विशेष शर्तों के अंतर्गत ओमान और सऊदी अरब के ऊपर से सीमित उड़ान संचालन की अनुमति दी जा सकती है। इसके साथ ही विमान सेवाओं को स्पष्ट रूप से सलाह दी गई है कि निर्धारित हवाई क्षेत्र में बत्तीस हजार फुट से कम ऊंचाई पर उड़ान न भरें।
नियामक के अनुसार, हाल के दिनों में ईरान में हुए सैन्य हमलों और उसके बाद की जवाबी गतिविधियों ने नागरिक विमानन के लिए अत्यधिक जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। मौजूदा हालात में उड़ानों के मार्ग, ऊंचाई और संचालन से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक माना गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि सभी विमानन कंपनियां व्यापक सुरक्षा जोखिम आकलन करें और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए मजबूत वैकल्पिक योजना तैयार रखें। संभावित मार्ग परिवर्तन, देरी और आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी अनिवार्य बताई गई है।
नागर विमानन महानिदेशालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन हवाई अड्डों पर संचालन जारी है, वहां किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हों। विमानन कंपनियों को अपने उड़ान दल को नवीनतम हवाई सूचना संदेशों से लगातार अवगत कराने के लिए कहा गया है, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्रों और परिचालन परिस्थितियों की तत्काल जानकारी उपलब्ध रहे।
यह परामर्श तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अट्ठाईस मार्च तक प्रभावी रहेगा। बदलती परिस्थितियों के आधार पर इसमें पहले भी संशोधन किया जा सकता है।
