धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ, और कड़ी निगरानी रखते हुए इस काम को आगे बढ़ा रहा है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत 100 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 1,27,851 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिन्होंने कुल 1,19,541.09 हेक्टेयर रकबा दर्ज करवाया है। इनमें छोटे और सीमांत किसानों की संख्या ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि इस योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच रहा है।
अभी तक, 15 से 28 नवंबर 2025 के बीच, 17,580 किसानों से 81,704.52 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। खरीदी गई धान की कुल कीमत 193.86 करोड़ रुपये है, और सबसे अच्छी बात यह है कि यह पैसा हर दिन सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है और उन्हें अपनी अगली फसल की तैयारी करने में मदद मिल रही है।
खरीदी प्रक्रिया को और भी बेहतर बनाने के लिए, हर खरीदी केंद्र पर जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी हर हफ्ते केंद्रों का दौरा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि धान खरीदी का काम पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से हो और किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न आए।
प्रशासन कोचियों पर भी पूरी तरह से लगाम कसने में लगा है। अवैध धान के भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग की संयुक्त टीम लगातार काम कर रही है। ओडिशा सीमा से लगे इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, और अब तक अवैध परिवहन और भंडारण के कई मामले पकड़े गए हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में धान और वाहन जब्त किए गए हैं।
धान की मिलिंग का काम भी तेजी से चल रहा है। जिले में 102 राइस मिलों का पंजीकरण हुआ है, जिनमें से कई मिलों को धान उठाने की अनुमति दी जा चुकी है और उन्होंने अनुबंध भी पूरा कर लिया है।
अगर किसी किसान को कोई शिकायत है, तो उसके लिए कलेक्टोरेट में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है, जहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिला प्रशासन किसानों को धान खरीदी में हर तरह की सुविधा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
