अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में बने मौजूदा हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान इस समय स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका वहां की स्थिति में हर तरह की मदद करने के लिए तैयार है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान में जैसी परिस्थिति आज बनी है, वैसी पहले कभी नहीं रही। उन्होंने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यदि लोगों की जान जाती है तो अमेरिका दखल देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब ज़मीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि ऐसे ठिकानों पर कड़ा प्रहार करना है, जहां उन्हें सबसे अधिक नुकसान पहुंचे।
इस बयान पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि ये टिप्पणियां दखल देने वाली और भ्रामक हैं। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इससे साफ जाहिर होता है कि अमेरिका अब भी ईरानी जनता के प्रति दुश्मनाना रवैया रखता है और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना चाहता है।
गौरतलब है कि ईरान के कई शहरों में दिसंबर के अंत से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह देश की मुद्रा रियाल का तेजी से गिरना और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां हैं। ईरानी सरकार ने प्रदर्शन होने की बात स्वीकार की है और कहा है कि वह जनता की आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उसने हिंसा और तोड़फोड़ के खिलाफ सख्त चेतावनी भी दी है।
इस बीच, ईरान की सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वह देश के राष्ट्रीय हितों, अहम बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक संपत्ति की पूरी तरह रक्षा करेगी। सरकारी प्रसारक के अनुसार, सेना ने जनता से एकजुट रहने और देश विरोधी साज़िशों को नाकाम करने की अपील की है।
सेना के बयान में आरोप लगाया गया है कि इजरायल और कुछ दुश्मन आतंकी संगठन शहरों में अशांति फैलाने और जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। सेना ने दावा किया कि ये ताकतें ईरानी जनता के समर्थन के नाम पर एक और विद्रोह भड़काना चाहती हैं। सेना ने नागरिकों से सतर्क रहने और एकजुट होकर देश विरोधी तत्वों का मुकाबला करने की अपील की है।
