भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्ष और गर्व के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट बनना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और सफल भारत पूरी दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है, जिससे सभी देशों को लाभ होता है।
गौरतलब है कि यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेता इन दिनों भारत दौरे पर हैं। वे 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को लेकर अहम घोषणा होने की भी संभावना जताई जा रही है।

परंपरागत रूप से यूरोपीय देश अमेरिका के करीबी सहयोगी रहे हैं। यूरोपीय संघ और अमेरिका मिलकर वैश्विक आर्थिक उत्पादन का 40 प्रतिशत से अधिक और विश्व व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा साझा करते हैं। हालांकि, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद ‘टैरिफ बम’ जैसी नीतियों ने वैश्विक रिश्तों में अस्थिरता पैदा की है। ऐसे में यूरोप अब अमेरिका से इतर भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक नजर आ रहा है और भारत को एक भरोसेमंद एवं स्थिर साझेदार के रूप में देख रहा है।
दिल्ली पहुंचने पर रविवार को दोनों यूरोपीय नेताओं को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने से पहले उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि ईयू काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करना उनके लिए प्रसन्नता की बात है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी बातचीत भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी एक पोस्ट में भारत-ईयू साझेदारी को विश्वास और भरोसे पर आधारित बताते हुए एंटोनियो कोस्टा के नई दिल्ली आगमन का गर्मजोशी से स्वागत किया था।
